॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चोरी करना
संस्कृत: स्तेयकरणे
अंग्रेज़ी: to rob,to steal
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कोजति | कोजतः | कोजन्ति |
| मध्यम | कोजसि | कोजथः | कोजथ |
| उत्तम | कोजामि | कोजावः | कोजामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: कोजति · लिट्: चुकोज · लुट्: कोजिता · लृट्: कोजिष्यति · लोट्: कोजतात् · लङ्: अकोजत् · विधिलिङ्: कोजेत् · आशीर्लिङ्: कुज्यात् · लुङ्: अकोजीत् · लृङ्: अकोजिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कोजन · ण्वुल्: कोजकः · तृच्: कोजिता · ण्यत्: कोज्यः · तव्य: कोजितव्यः · अनीयर्: कोजनीयः · क्त: कुक्तः · क्तवतु: कुक्तवान् · शतृ: कोजन् · स्य-शतृ: कोजिष्यन् · क्त्वा: कुक्त्वा · ल्यप्: प्रकुज्य · तुमुन्: कोजितुम् · णमुल्: कोजम् · घञ्: कोजः · क्तिन्: कुक्ति · क्वसु: चुकुज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कोजति | कुज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कोजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कुज् + शतृ | कोजत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: कुज् + शतृ |
कोजति ➤ चोरी करना
संस्कृत: स्तेयकरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड