॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: छेदने
अंग्रेज़ी: to cut,to break
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | कोटयते | कोटयेते | कोटयन्ते |
| मध्यम | कोटयसे | कोटयेथे | कोटयध्वे |
| उत्तम | कोटये | कोटयावहे | कोटयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): कोटयते · लिट् (आत्मने.): कोटयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): कोटयिता · लृट् (आत्मने.): कोटयिष्यते · लोट् (आत्मने.): कोटयताम् · लङ् (आत्मने.): अकोटयत · विधिलिङ् (आत्मने.): कोटयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): कोटयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अचूकुटत · लृङ् (आत्मने.): अकोटयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: कोटन · ण्वुल्: कोटकः · तृच्: कोटयिता · यत्: कोट्यः · तव्य: कोटयितव्यः · अनीयर्: कोटनीयः · क्त: कोटितः · क्तवतु: कोटितवान् · शानच्: कोटयमानः · क्त्वा: कोटयित्वा · ल्यप्: प्रकोट्य · तुमुन्: कोटयितुम् · णमुल्: कोटम् · क्तिन्: कोट्टि · क्वसु: कोटयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| कोटयते | कुट् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: कुट् धातु (तुदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | कुट् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
कोटयते ➤ to cut,to break (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: छेदने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड