🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:34 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

क्नूनाति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

क्नूनाति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

क्नूनाति

अर्थ: शब्द करना, आवाज करना

संस्कृत: शब्दे

अंग्रेज़ी: to sound

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. क्नू धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — क्नू (क्र्यादिगण) · अर्थ: शब्द करना, आवाज करना (शब्दे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमक्नूनातिक्नूनीतःक्नूनन्ति
मध्यमक्नूनासिक्नूनीथःक्नूनीथ
उत्तमक्नूनामिक्नूनीवःक्नूनीमः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्नूनाति · लट् (आत्मने.): क्नूनीते · लिट्: चुक्नाव · लिट् (आत्मने.): चुक्नुवे · लुट्: क्नविता · लुट् (आत्मने.): क्नविता · लृट्: क्नविष्यति · लृट् (आत्मने.): क्नविष्यते · लोट्: क्नूनातु · लोट् (आत्मने.): क्नूनीताम् · लङ्: अक्नूनात् · लङ् (आत्मने.): अक्नूनीत · विधिलिङ्: क्नूनीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): क्नूनीत · आशीर्लिङ्: क्नूयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्नविषीष्ट · लुङ्: अक्नावीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्नविष्ट · लृङ्: अक्नविष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्नविष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्नवन · ण्वुल्: क्नावकः · तृच्: क्नविता · यत्: क्नव्यः · ण्यत्: क्नाव्यः · तव्य: क्नवितव्यः · अनीयर्: क्नवनीयः · क्त: क्नूतः · क्तवतु: क्नूतवान् · शतृ: क्नूनन् · स्य-शतृ: क्नविष्यन् · शानच्: क्नूनानः · क्त्वा: क्नूत्वा · ल्यप्: प्रक्नूय · तुमुन्: क्नवितुम् · णमुल्: क्नावम् · क्तिन्: क्नूति · क्वसु: चुक्नूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
क्नूनातिक्नू धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

क्नूनाति ➤ शब्द करना, आवाज करना
संस्कृत: शब्दे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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