🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:39:45 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

क्रामति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

क्रामति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

क्रामति

अर्थ: निर्भयता से जाना, रक्षण करना, बढ़ना

संस्कृत: पादविक्षेपे

अंग्रेज़ी: to walk,to step,to go ahead,to cross,to leap,to ascend, to protect, to approach

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. क्रम् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — क्रम् (भ्वादिगण) · अर्थ: निर्भयता से जाना, रक्षण करना, बढ़ना (पादविक्षेपे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमक्रामति / क्राम्यतिक्रामतः / क्राम्यतःक्रामन्ति / क्राम्यन्ति
मध्यमक्रामसि / क्राम्यसिक्रामथः / क्राम्यथःक्रामथ / क्राम्यथ
उत्तमक्रामामि / क्राम्यामिक्रामावः / क्राम्यावःक्रामामः / क्राम्यामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्रामति · लट् (आत्मने.): क्रमते · लिट्: चक्राम · लिट् (आत्मने.): चक्रमे · लुट्: क्रमिता · लुट् (आत्मने.): क्रन्ता · लृट्: क्रमिष्यति · लृट् (आत्मने.): क्रंस्यते · लोट्: क्रामतात् · लोट् (आत्मने.): क्रमताम् · लङ्: अक्रामत् · लङ् (आत्मने.): अक्रमत · विधिलिङ्: क्रामेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): क्रमेत · आशीर्लिङ्: क्रम्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्रंसीष्ट · लुङ्: अक्रमीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्रंस्त · लृङ्: अक्रमिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्रंस्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्रमण · ण्वुल्: क्रमकः · तृच्: क्रमिता · यत्: क्रम्यः · तव्य: क्रमितव्यः · अनीयर्: क्रमणीयः · क्त: क्रान्तः · क्तवतु: क्रान्तवान् · शतृ: क्रम्यन् · स्य-शतृ: क्रमिष्यन् · शानच्: क्रम्यमाणः · क्त्वा: क्रान्त्वा · ल्यप्: प्रक्रम्य · तुमुन्: क्रमितुम् · णमुल्: क्रमम् · घञ्: क्रमः · क्तिन्: क्रान्ति · क्वसु: चक्रण्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
क्रामतिक्रम् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

क्रामति ➤ निर्भयता से जाना, रक्षण करना, बढ़ना
संस्कृत: पादविक्षेपे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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