॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: निर्भयता से जाना, रक्षण करना, बढ़ना
संस्कृत: पादविक्षेपे
अंग्रेज़ी: to walk,to step,to go ahead,to cross,to leap,to ascend, to protect, to approach
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्रामति / क्राम्यति | क्रामतः / क्राम्यतः | क्रामन्ति / क्राम्यन्ति |
| मध्यम | क्रामसि / क्राम्यसि | क्रामथः / क्राम्यथः | क्रामथ / क्राम्यथ |
| उत्तम | क्रामामि / क्राम्यामि | क्रामावः / क्राम्यावः | क्रामामः / क्राम्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्रामति · लट् (आत्मने.): क्रमते · लिट्: चक्राम · लिट् (आत्मने.): चक्रमे · लुट्: क्रमिता · लुट् (आत्मने.): क्रन्ता · लृट्: क्रमिष्यति · लृट् (आत्मने.): क्रंस्यते · लोट्: क्रामतात् · लोट् (आत्मने.): क्रमताम् · लङ्: अक्रामत् · लङ् (आत्मने.): अक्रमत · विधिलिङ्: क्रामेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): क्रमेत · आशीर्लिङ्: क्रम्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्रंसीष्ट · लुङ्: अक्रमीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्रंस्त · लृङ्: अक्रमिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्रंस्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्रमण · ण्वुल्: क्रमकः · तृच्: क्रमिता · यत्: क्रम्यः · तव्य: क्रमितव्यः · अनीयर्: क्रमणीयः · क्त: क्रान्तः · क्तवतु: क्रान्तवान् · शतृ: क्रम्यन् · स्य-शतृ: क्रमिष्यन् · शानच्: क्रम्यमाणः · क्त्वा: क्रान्त्वा · ल्यप्: प्रक्रम्य · तुमुन्: क्रमितुम् · णमुल्: क्रमम् · घञ्: क्रमः · क्तिन्: क्रान्ति · क्वसु: चक्रण्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्रामति | क्रम् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
क्रामति ➤ निर्भयता से जाना, रक्षण करना, बढ़ना
संस्कृत: पादविक्षेपे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड