🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:39:20 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

क्रीणाति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

क्रीणाति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

क्रीणाति

अर्थ: खरीदना, बदले में लेना

संस्कृत: द्रव्यविनिमये

अंग्रेज़ी: to buy, to purchase

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. क्री धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — क्री (क्र्यादिगण) · अर्थ: खरीदना, बदले में लेना (द्रव्यविनिमये)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमक्रीणातिक्रीणीतःक्रीणन्ति
मध्यमक्रीणासिक्रीणीथःक्रीणीथ
उत्तमक्रीणामिक्रीणीवःक्रीणीमः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्रीणाति · लट् (आत्मने.): क्रीणीते · लिट्: चिक्राय · लिट् (आत्मने.): चिक्रिये · लुट्: क्रेता · लुट् (आत्मने.): क्रेता · लृट्: क्रेष्यति · लृट् (आत्मने.): क्रेष्यते · लोट्: क्रीणातु · लोट् (आत्मने.): क्रीणीताम् · लङ्: अक्रीणात् · लङ् (आत्मने.): अक्रीणीत · विधिलिङ्: क्रीणीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): क्रीणीत · आशीर्लिङ्: क्रीयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): क्रेषीष्ट · लुङ्: अक्रैषीत् · लुङ् (आत्मने.): अक्रेष्ट · लृङ्: अक्रेष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अक्रेष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्रयण · ण्वुल्: क्रायकः · तृच्: क्रेता · यत्: क्रेयः · तव्य: क्रेतव्यः · अनीयर्: क्रयणीयः · क्त: क्रीतः · क्तवतु: क्रीतवान् · शतृ: क्रीणन् · स्य-शतृ: क्रेष्यन् · शानच्: क्रीणानः · क्त्वा: क्रीत्वा · ल्यप्: प्रक्रीय · तुमुन्: क्रेतुम् · णमुल्: क्रायम् · क्तिन्: क्रीति · क्वसु: चिक्रीवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
क्रीणातिक्री धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

क्रीणाति ➤ खरीदना, बदले में लेना
संस्कृत: द्रव्यविनिमये

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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