॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आर्द्र होना, गीला होना
संस्कृत: आर्द्रीभावे
अंग्रेज़ी: to be wet, to be moist
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्लिद्यति | क्लिद्यतः | क्लिद्यन्ति |
| मध्यम | क्लिद्यसि | क्लिद्यथः | क्लिद्यथ |
| उत्तम | क्लिद्यामि | क्लिद्यावः | क्लिद्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्लिद्यति · लिट्: चिक्लेद · लुट्: क्लेत्ता · लृट्: क्लेत्स्यति · लोट्: क्लिद्यतात् · लङ्: अक्लिद्यत् · विधिलिङ्: क्लिद्येत् · आशीर्लिङ्: क्लिद्यात् · लुङ्: अक्लिदत् · लृङ्: अक्लेत्स्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्लेदन · ण्वुल्: क्लेदकः · तृच्: क्लेत्ता · ण्यत्: क्लेद्यः · तव्य: क्लेत्तव्यः · अनीयर्: क्लेदनीयः · क्त: क्लिन्नः · क्तवतु: क्लिन्नवान् · शतृ: क्लिद्यन् · स्य-शतृ: क्लेत्स्यन् · क्त्वा: क्लित्त्वा · ल्यप्: प्रक्लिद्य · तुमुन्: क्लेत्तुम् · णमुल्: क्लेदम् · घञ्: क्लेदः · क्तिन्: क्लित्ति · क्वसु: चिक्लिद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्लिद्यति | क्लिद् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: क्लिद्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्लिद् + शतृ | क्लिद्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्लिद् + शतृ |
क्लिद्यति ➤ आर्द्र होना, गीला होना
संस्कृत: आर्द्रीभावे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड