॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मुँह से थूक बाहर निकलना, थूकना, कै करना
संस्कृत: निरसने
अंग्रेज़ी: to spit
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्षेवति | क्षेवतः | क्षेवन्ति |
| मध्यम | क्षेवसि | क्षेवथः | क्षेवथ |
| उत्तम | क्षेवामि | क्षेवावः | क्षेवामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्षेवति · लिट्: चिक्षेव · लुट्: क्षेविता · लृट्: क्षेविष्यति · लोट्: क्षेवतात् · लङ्: अक्षेवत् · विधिलिङ्: क्षेवेत् · आशीर्लिङ्: क्षीव्यात् · लुङ्: अक्षेवीत् · लृङ्: अक्षेविष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्षेवण · ण्वुल्: क्षेवकः · तृच्: क्षेविता · ण्यत्: क्षेव्यः · तव्य: क्षेवितव्यः · अनीयर्: क्षेवणीयः · क्त: क्ष्यूतः · क्तवतु: क्ष्यूतवान् · शतृ: क्षेवन् · स्य-शतृ: क्षेविष्यन् · क्त्वा: क्ष्यूत्वा · ल्यप्: प्रक्षीव्य · तुमुन्: क्षेवितुम् · णमुल्: क्षेवम् · घञ्: क्षेवः · क्तिन्: क्ष्यूति · क्वसु: चिक्षिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्षेवति | क्षीव् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: क्षेव् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | क्षेवत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्षीव् + शतृ |
क्षेवति ➤ मुँह से थूक बाहर निकलना, थूकना, कै करना
संस्कृत: निरसने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड