॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आँखे मूदना, पलक मारना
संस्कृत: निमेषणे
अंग्रेज़ी: to blink, to wink
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | क्ष्मीलति | क्ष्मीलतः | क्ष्मीलन्ति |
| मध्यम | क्ष्मीलसि | क्ष्मीलथः | क्ष्मीलथ |
| उत्तम | क्ष्मीलामि | क्ष्मीलावः | क्ष्मीलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: क्ष्मीलति · लिट्: चिक्ष्मील · लुट्: क्ष्मीलिता · लृट्: क्ष्मीलिष्यति · लोट्: क्ष्मीलतात् · लङ्: अक्ष्मीलत् · विधिलिङ्: क्ष्मीलेत् · आशीर्लिङ्: क्ष्मील्यात् · लुङ्: अक्ष्मीलीत् · लृङ्: अक्ष्मीलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: क्ष्मीलन · ण्वुल्: क्ष्मीलकः · तृच्: क्ष्मीलिता · ण्यत्: क्ष्मील्यः · तव्य: क्ष्मीलितव्यः · अनीयर्: क्ष्मीलनीयः · क्त: क्ष्मीलितः · क्तवतु: क्ष्मीलितवान् · शतृ: क्ष्मीलन् · स्य-शतृ: क्ष्मीलिष्यन् · क्त्वा: क्ष्मीलित्वा · ल्यप्: प्रक्ष्मील्य · तुमुन्: क्ष्मीलितुम् · णमुल्: क्ष्मीलम् · घञ्: क्ष्मीलः · क्तिन्: क्ष्मील्ति · क्वसु: चिक्ष्मील्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| क्ष्मीलति | क्ष्मील् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: क्ष्मीलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्ष्मील् + शतृ | क्ष्मीलत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: क्ष्मील् + शतृ |
क्ष्मीलति ➤ आँखे मूदना, पलक मारना
संस्कृत: निमेषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड