॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मारना, हिंसा करना
संस्कृत: हिंसायाम्
अंग्रेज़ी: to kill, to destroy, to hurt
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | खषति | खषतः | खषन्ति |
| मध्यम | खषसि | खषथः | खषथ |
| उत्तम | खषामि | खषावः | खषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: खषति · लिट्: चखाष · लुट्: खषिता · लृट्: खषिष्यति · लोट्: खषतात् · लङ्: अखषत् · विधिलिङ्: खषेत् · आशीर्लिङ्: खष्यात् · लुङ्: अखषीत् · लृङ्: अखषिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: खषण · ण्वुल्: खाषकः · तृच्: खषिता · ण्यत्: खाष्यः · तव्य: खषितव्यः · अनीयर्: खषणीयः · क्त: खषितः · क्तवतु: खषितवान् · शतृ: खषन् · स्य-शतृ: खषिष्यन् · क्त्वा: खषित्वा · ल्यप्: प्रखष्य · तुमुन्: खषितुम् · णमुल्: खाषम् · घञ्: खाषः · क्तिन्: खष्टि · क्वसु: चखष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| खषति | खष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: खषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खष् + शतृ | खषत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खष् + शतृ |
खषति ➤ मारना, हिंसा करना
संस्कृत: हिंसायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड