॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: सेवने
अंग्रेज़ी: to serve, to devote oneself, practise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | खेवते | खेवेते | खेवन्ते |
| मध्यम | खेवसे | खेवेथे | खेवध्वे |
| उत्तम | खेवे | खेवावहे | खेवामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): खेवते · लिट् (आत्मने.): चिखेवे · लुट् (आत्मने.): खेविता · लृट् (आत्मने.): खेविष्यते · लोट् (आत्मने.): खेवताम् · लङ् (आत्मने.): अखेवत · विधिलिङ् (आत्मने.): खेवेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): खेविषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अखेविष्ट · लृङ् (आत्मने.): अखेविष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: खेवन · ण्वुल्: खेवकः · तृच्: खेविता · ण्यत्: खेव्यः · तव्य: खेवितव्यः · अनीयर्: खेवनीयः · क्त: खेवितः · क्तवतु: खेवितवान् · शानच्: खेवमानः · क्त्वा: खेवित्वा · ल्यप्: प्रखेव्य · तुमुन्: खेवितुम् · णमुल्: खेवम् · घञ्: खेवः · क्तिन्: खयूति · क्वसु: चिखेवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| खेवते | खेव् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: खेवता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: खेव् + घञ् · तद्धित: खेव + तल् (भाववाचक) | खेवता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: खेव् + घञ् · तद्धित: खेव + तल् (भाववाचक) |
खेवते ➤ to serve, to devote oneself, practise (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: सेवने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड