॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: निगलना, खाना, भक्षण करना
संस्कृत: अदने स्रवणे च
अंग्रेज़ी: to eat,to swallow, to drip,to flow,to dissolve
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गलति | गलतः | गलन्ति |
| मध्यम | गलसि | गलथः | गलथ |
| उत्तम | गलामि | गलावः | गलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गलति · लिट्: जगाल · लुट्: गलिता · लृट्: गलिष्यति · लोट्: गलतात् · लङ्: अगलत् · विधिलिङ्: गलेत् · आशीर्लिङ्: गल्यात् · लुङ्: अगालीत् · लृङ्: अगलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गलन · ण्वुल्: गालकः · तृच्: गलिता · ण्यत्: गाल्यः · तव्य: गलितव्यः · अनीयर्: गलनीयः · क्त: गलितः · क्तवतु: गलितवान् · शतृ: गलन् · स्य-शतृ: गलिष्यन् · क्त्वा: गलित्वा · ल्यप्: प्रगल्य · तुमुन्: गलितुम् · णमुल्: गालम् · घञ्: गालः · क्तिन्: गल्ति · क्वसु: जगल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गलति | गल् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गलता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गल + तल् (भाववाचक) | गलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गल् + शतृ |
गलति ➤ निगलना, खाना, भक्षण करना
संस्कृत: अदने स्रवणे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड