॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: धैर्य रखना, साहस करना
संस्कृत: धार्ष्ट्ये
अंग्रेज़ी: to be bold, to be confident, to show courage
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गल्भते | गल्भेते | गल्भन्ते |
| मध्यम | गल्भसे | गल्भेथे | गल्भध्वे |
| उत्तम | गल्भे | गल्भावहे | गल्भामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): गल्भते · लिट् (आत्मने.): जगल्भे · लुट् (आत्मने.): गल्भिता · लृट् (आत्मने.): गल्भिष्यते · लोट् (आत्मने.): गल्भताम् · लङ् (आत्मने.): अगल्भत · विधिलिङ् (आत्मने.): गल्भेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गल्भिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अगल्भिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अगल्भिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गल्भन · ण्वुल्: गल्भकः · तृच्: गल्भिता · ण्यत्: गल्भ्यः · तव्य: गल्भितव्यः · अनीयर्: गल्भनीयः · क्त: गल्भितः · क्तवतु: गल्भितवान् · शानच्: गल्भमानः · क्त्वा: गल्भित्वा · ल्यप्: प्रगल्भ्य · तुमुन्: गल्भितुम् · णमुल्: गल्भम् · घञ्: गल्भः · क्तिन्: गल्ब्धि · क्वसु: जगल्भ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गल्भते | गल्भ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गल्भता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गल्भ + तल् (भाववाचक) | गल्भता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: गल्भ + तल् (भाववाचक) |
गल्भते ➤ धैर्य रखना, साहस करना
संस्कृत: धार्ष्ट्ये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड