॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: यश प्राप्त करना, लेने की अभिलाषा करना
संस्कृत: प्रतिष्ठालिप्सयोर्ग्रन्थे च
अंग्रेज़ी: to praise oneself, to desire, to tie together, to string together, to seek, to stay together, to stand firmly, to compile
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गाधते | गाधेते | गाधन्ते |
| मध्यम | गाधसे | गाधेथे | गाधध्वे |
| उत्तम | गाधे | गाधावहे | गाधामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): गाधते · लिट् (आत्मने.): जगाधे · लुट् (आत्मने.): गाधिता · लृट् (आत्मने.): गाधिष्यते · लोट् (आत्मने.): गाधताम् · लङ् (आत्मने.): अगाधत · विधिलिङ् (आत्मने.): गाधेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गाधिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अगाधिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अगाधिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गाधन · ण्वुल्: गाधकः · तृच्: गाधिता · ण्यत्: गाध्यः · तव्य: गाधितव्यः · अनीयर्: गाधनीयः · क्त: गाधितः · क्तवतु: गाधितवान् · शानच्: गाधमानः · क्त्वा: गाधित्वा · ल्यप्: प्रगाध्य · तुमुन्: गाधितुम् · णमुल्: गाधम् · घञ्: गाधः · क्तिन्: गाद्धि · क्वसु: जगाध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गाधते | गाध् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गाधता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गाध + तल् (भाववाचक) | गाधता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: गाध + तल् (भाववाचक) |
गाधते ➤ यश प्राप्त करना, लेने की अभिलाषा करना
संस्कृत: प्रतिष्ठालिप्सयोर्ग्रन्थे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड