॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: समझना, जानना
संस्कृत: विज्ञाने
अंग्रेज़ी: to know, to understand
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गारयते | गारयेते | गारयन्ते |
| मध्यम | गारयसे | गारयेथे | गारयध्वे |
| उत्तम | गारये | गारयावहे | गारयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): गारयते · लिट् (आत्मने.): गारयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): गारयिता · लृट् (आत्मने.): गारयिष्यते · लोट् (आत्मने.): गारयताम् · लङ् (आत्मने.): अगारयत · विधिलिङ् (आत्मने.): गारयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गारयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अजीगरत · लृङ् (आत्मने.): अगारयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गारण · ण्वुल्: गारकः · तृच्: गारयिता · यत्: गार्यः · तव्य: गारयितव्यः · अनीयर्: गारणीयः · क्त: गारितः · क्तवतु: गारितवान् · शानच्: गारयमाणः · क्त्वा: गारयित्वा · ल्यप्: प्रगार्य · तुमुन्: गारयितुम् · णमुल्: गारम् · क्तिन्: गार्ति · क्वसु: गारयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गारयते | गृ धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गॄ धातु (तुदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | गॄ धातु (क्र्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
गारयते ➤ समझना, जानना
संस्कृत: विज्ञाने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड