॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अस्पष्ट बोलना, गुंजारव करना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे
अंग्रेज़ी: to hum, to buzz,to sound inarticulately, to utter unclearly
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गुञ्जति | गुञ्जतः | गुञ्जन्ति |
| मध्यम | गुञ्जसि | गुञ्जथः | गुञ्जथ |
| उत्तम | गुञ्जामि | गुञ्जावः | गुञ्जामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गुञ्जति · लिट्: जुगुञ्ज · लुट्: गुञ्जिता · लृट्: गुञ्जिष्यति · लोट्: गुञ्जतात् · लङ्: अगुञ्जत् · विधिलिङ्: गुञ्जेत् · आशीर्लिङ्: गुञ्ज्यात् · लुङ्: अगुञ्जीत् · लृङ्: अगुञ्जिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गुञ्जन · ण्वुल्: गुञ्जकः · तृच्: गुञ्जिता · ण्यत्: गुञ्ज्यः · तव्य: गुञ्जितव्यः · अनीयर्: गुञ्जनीयः · क्त: गुञ्जितः · क्तवतु: गुञ्जितवान् · शतृ: गुञ्जन् · स्य-शतृ: गुञ्जिष्यन् · क्त्वा: गुञ्जित्वा · ल्यप्: प्रगुज्य · तुमुन्: गुञ्जितुम् · णमुल्: गुञ्जम् · घञ्: गुञ्जः · क्तिन्: गुङ्क्ति · क्वसु: जुगुञ्ज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गुञ्जति | गुञ्ज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गुञ्जता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गुञ्ज + तल् (भाववाचक) | गुञ्जत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गुञ्ज् + शतृ |
गुञ्जति ➤ अस्पष्ट बोलना, गुंजारव करना
संस्कृत: अव्यक्ते शब्दे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड