॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: घेरना, घेर लेना, पीसना, चूर्ण करना, संरक्षण करना
संस्कृत: वेष्टने
अंग्रेज़ी: to enclose,to cover,to envelope, to protect, to powder
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गुण्डति / गुण्डयति | गुण्डतः / गुण्डयतः | गुण्डन्ति / गुण्डयन्ति |
| मध्यम | गुण्डयसि / गुण्डसि | गुण्डथः / गुण्डयथः | गुण्डथ / गुण्डयथ |
| उत्तम | गुण्डयामि / गुण्डामि | गुण्डयावः / गुण्डावः | गुण्डयामः / गुण्डामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गुण्डति · लट् (आत्मने.): गुण्डयते · लिट्: गुण्डयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): गुण्डयाञ्चक्रे · लुट्: गुण्डयिता · लुट् (आत्मने.): गुण्डयिता · लृट्: गुण्डयिष्यति · लृट् (आत्मने.): गुण्डयिष्यते · लोट्: गुण्डतात् · लोट् (आत्मने.): गुण्डयताम् · लङ्: अगुण्डत् · लङ् (आत्मने.): अगुण्डयत · विधिलिङ्: गुण्डयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): गुण्डयेत · आशीर्लिङ्: गुण्ड्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गुण्डयिषीष्ट · लुङ्: अगुण्डीत् · लुङ् (आत्मने.): अजुगुण्डत · लृङ्: अगुण्डयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अगुण्डयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गुण्डन · ण्वुल्: गुण्डकः · तृच्: गुण्डिता · यत्: गुण्ड्यः · ण्यत्: गुण्ड्यः · तव्य: गुण्डितव्यः · अनीयर्: गुण्डनीयः · क्त: गुण्डितः · क्तवतु: गुण्डितवान् · शतृ: गुण्डन् · स्य-शतृ: गुण्डिष्यन् · शानच्: गुण्डयमानः · क्त्वा: गुण्डित्वा · ल्यप्: प्रगुण्ड्य · तुमुन्: गुण्डितुम् · णमुल्: गुण्डम् · घञ्: गुण्डः · क्तिन्: गुण्टि · क्वसु: जुगुण्ड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गुण्डति | गुण्ड् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गुण्डता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गुण्ड + तल् (भाववाचक) | गुण्डत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गुण्ड् + शतृ |
गुण्डति ➤ घेरना, घेर लेना, पीसना, चूर्ण करना, संरक्षण करना
संस्कृत: वेष्टने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड