॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छिपाना, वस्त्रादि से ढकना
संस्कृत: संवरणे
अंग्रेज़ी: to cover, to hide, to clothe
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गूहति | गूहतः | गूहन्ति |
| मध्यम | गूहसि | गूहथः | गूहथ |
| उत्तम | गूहामि | गूहावः | गूहामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गूहति · लट् (आत्मने.): गूहते · लिट्: जुगूह · लिट् (आत्मने.): जुगुहे · लुट्: गूहिता · लुट् (आत्मने.): गूहिता · लृट्: गूहिष्यति · लृट् (आत्मने.): गूहिष्यते · लोट्: गूहतात् · लोट् (आत्मने.): गूहताम् · लङ्: अगूहत् · लङ् (आत्मने.): अगूहत · विधिलिङ्: गूहेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): गूहेत · आशीर्लिङ्: गुह्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गूहिषीष्ट · लुङ्: अगूहीत् · लुङ् (आत्मने.): अगूढ · लृङ्: अगूहिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अगूहिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गूहन · ण्वुल्: गूहकः · तृच्: गोढा · ण्यत्: गोह्यः · तव्य: गोढव्यः · अनीयर्: गूहनीयः · क्त: गूढः · क्तवतु: गूढवान् · शतृ: गूहन् · स्य-शतृ: घोक्ष्यन् · शानच्: गूहमानः · क्त्वा: गूढ्वा · ल्यप्: प्रगुह्य · तुमुन्: गोढुम् · णमुल्: गूहम् · घञ्: गूहः · क्तिन्: गूढि · क्वसु: जुगुह्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गूहति | गुह् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गूहत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गुह् + शतृ | गूहत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गुह् + शतृ |
गूहति ➤ छिपाना, वस्त्रादि से ढकना
संस्कृत: संवरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड