॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चाहना
संस्कृत: अभिकाङ्क्षायाम्
अंग्रेज़ी: to desire, to long
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गृध्यति | गृध्यतः | गृध्यन्ति |
| मध्यम | गृध्यसि | गृध्यथः | गृध्यथ |
| उत्तम | गृध्यामि | गृध्यावः | गृध्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गृध्यति · लिट्: जगर्ध · लुट्: गर्धिता · लृट्: गर्धिष्यति · लोट्: गृध्यतात् · लङ्: अगृध्यत् · विधिलिङ्: गृध्येत् · आशीर्लिङ्: गृध्यात् · लुङ्: अगृधत् · लृङ्: अगर्धिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गर्धन · ण्वुल्: गर्धकः · तृच्: गर्धिता · तव्य: गर्धितव्यः · अनीयर्: गर्धनीयः · क्त: गृद्धः · क्तवतु: गृद्धवान् · शतृ: गृध्यन् · स्य-शतृ: गर्धिष्यन् · क्त्वा: गृद्ध्वा · ल्यप्: प्रगृध्य · तुमुन्: गर्धितुम् · णमुल्: गर्धम् · घञ्: गर्धः · क्तिन्: गृद्धि · क्वसु: जगृध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गृध्यति | गृध् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गृध्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गृध्य + तल् (भाववाचक) | गृध्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गृध् + शतृ |
गृध्यति ➤ चाहना
संस्कृत: अभिकाङ्क्षायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड