॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: लेपना, पोतना
संस्कृत: उपलेपने
अंग्रेज़ी: to coat, to put a layer
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गोमयति | गोमयतः | गोमयन्ति |
| मध्यम | गोमयसि | गोमयथः | गोमयथ |
| उत्तम | गोमयामि | गोमयावः | गोमयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: गोमयति · लट् (आत्मने.): गोमयते · लिट्: गोमयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): गोमयाञ्चक्रे · लुट्: गोमयिता · लुट् (आत्मने.): गोमयिता · लृट्: गोमयिष्यति · लृट् (आत्मने.): गोमयिष्यते · लोट्: गोमयतात् · लोट् (आत्मने.): गोमयताम् · लङ्: अगोमयत् · लङ् (आत्मने.): अगोमयत · विधिलिङ्: गोमयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): गोमयेत · आशीर्लिङ्: गोम्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गोमयिषीष्ट · लुङ्: अजुगोमत् · लुङ् (आत्मने.): अजुगोमत · लृङ्: अगोमयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अगोमयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गोमन · ण्वुल्: गोमकः · तृच्: गोमयिता · यत्: गोम्यः · तव्य: गोमयितव्यः · अनीयर्: गोमनीयः · क्त: गोमितः · क्तवतु: गोमितवान् · शतृ: गोमयन् · स्य-शतृ: गोमयिष्यन् · शानच्: गोमयमानः · क्त्वा: गोमयित्वा · ल्यप्: प्रगोम्य · तुमुन्: गोमयितुम् · णमुल्: गोमम् · क्तिन्: गोन्ति · क्वसु: गोमयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गोमयति | गोम धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गोम धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | गोमयता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: गोमय + तल् (भाववाचक) |
गोमयति ➤ लेपना, पोतना
संस्कृत: उपलेपने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड