॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बटोरना, एकत्र करना, ढेर लगाना, ढेर करना
संस्कृत: सङ्घाते
अंग्रेज़ी: to assemble,to collect,to pile up
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | गोष्टते | गोष्टेते | गोष्टन्ते |
| मध्यम | गोष्टसे | गोष्टेथे | गोष्टध्वे |
| उत्तम | गोष्टे | गोष्टावहे | गोष्टामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): गोष्टते · लिट् (आत्मने.): जुगोष्टे · लुट् (आत्मने.): गोष्टिता · लृट् (आत्मने.): गोष्टिष्यते · लोट् (आत्मने.): गोष्टताम् · लङ् (आत्मने.): अगोष्टत · विधिलिङ् (आत्मने.): गोष्टेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): गोष्टिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अगोष्टिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अगोष्टिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: गोष्टन · ण्वुल्: गोष्टकः · तृच्: गोष्टिता · ण्यत्: गोष्ट्यः · तव्य: गोष्टितव्यः · अनीयर्: गोष्टनीयः · क्त: गोष्टितः · क्तवतु: गोष्टितवान् · शानच्: गोष्टमानः · क्त्वा: गोष्टित्वा · ल्यप्: प्रगोष्ट्य · तुमुन्: गोष्टितुम् · णमुल्: गोष्टम् · घञ्: गोष्टः · क्तिन्: गोष्टि · क्वसु: जुगोष्ट्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| गोष्टते | गोष्ट् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: गोष्टता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: गोष्ट् + घञ् · तद्धित: गोष्ट + तल् (भाववाचक) | गोष्टता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: गोष्ट् + घञ् · तद्धित: गोष्ट + तल् (भाववाचक) |
गोष्टते ➤ बटोरना, एकत्र करना, ढेर लगाना, ढेर करना
संस्कृत: सङ्घाते
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड