॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बुलाना, बुद्धिपूर्वक कहना
संस्कृत: आमन्त्रणे
अंग्रेज़ी: to invite, to call, to sign, to speak intelligently
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ग्रामयति | ग्रामयतः | ग्रामयन्ति |
| मध्यम | ग्रामयसि | ग्रामयथः | ग्रामयथ |
| उत्तम | ग्रामयामि | ग्रामयावः | ग्रामयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ग्रामयति · लट् (आत्मने.): ग्रामयते · लिट्: ग्रामयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): ग्रामयाञ्चक्रे · लुट्: ग्रामयिता · लुट् (आत्मने.): ग्रामयिता · लृट्: ग्रामयिष्यति · लृट् (आत्मने.): ग्रामयिष्यते · लोट्: ग्रामयतात् · लोट् (आत्मने.): ग्रामयताम् · लङ्: अग्रामयत् · लङ् (आत्मने.): अग्रामयत · विधिलिङ्: ग्रामयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): ग्रामयेत · आशीर्लिङ्: ग्राम्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ग्रामयिषीष्ट · लुङ्: अजग्रामत् · लुङ् (आत्मने.): अजग्रामत · लृङ्: अग्रामयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अग्रामयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ग्रामण · ण्वुल्: ग्रामकः · तृच्: ग्रामयिता · यत्: ग्राम्यः · तव्य: ग्रामयितव्यः · अनीयर्: ग्रामणीयः · क्त: ग्रामितः · क्तवतु: ग्रामितवान् · शतृ: ग्रामयन् · स्य-शतृ: ग्रामयिष्यन् · शानच्: ग्रामयमाणः · क्त्वा: ग्रामयित्वा · ल्यप्: प्रग्राम्य · तुमुन्: ग्रामयितुम् · णमुल्: ग्रामम् · क्तिन्: ग्रान्ति · क्वसु: ग्रामयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ग्रामयति | ग्राम धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ग्राम धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | ग्रामयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ग्राम + शतृ |
ग्रामयति ➤ बुलाना, बुद्धिपूर्वक कहना
संस्कृत: आमन्त्रणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड