॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: लेना
संस्कृत: ग्रहणे अपादाने च
अंग्रेज़ी: to take,to seize, to accept
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ग्लहते | ग्लहेते | ग्लहन्ते |
| मध्यम | ग्लहसे | ग्लहेथे | ग्लहध्वे |
| उत्तम | ग्लहे | ग्लहावहे | ग्लहामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): ग्लहते · लिट् (आत्मने.): जग्लहे · लुट् (आत्मने.): ग्लहिता · लृट् (आत्मने.): ग्लहिष्यते · लोट् (आत्मने.): ग्लहताम् · लङ् (आत्मने.): अग्लहत · विधिलिङ् (आत्मने.): ग्लहेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): ग्लहिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अग्लहिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अग्लहिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ग्लहन · ण्वुल्: ग्लाहकः · तृच्: ग्लहिता · ण्यत्: ग्लाह्यः · तव्य: ग्लहितव्यः · अनीयर्: ग्लहनीयः · क्त: ग्लहितः · क्तवतु: ग्लहितवान् · शानच्: ग्लहमानः · क्त्वा: ग्लहित्वा · ल्यप्: प्रग्लह्य · तुमुन्: ग्लहितुम् · णमुल्: ग्लाहम् · घञ्: ग्लाहः · क्तिन्: ग्लाढि · क्वसु: जग्लह्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ग्लहते | ग्लह् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ग्लहता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: ग्लह + तल् (भाववाचक) | ग्लहता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: ग्लह + तल् (भाववाचक) |
ग्लहते ➤ लेना
संस्कृत: ग्रहणे अपादाने च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड