॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: हसने
अंग्रेज़ी: to laugh, to tease
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | घग्घति | घग्घतः | घग्घन्ति |
| मध्यम | घग्घसि | घग्घथः | घग्घथ |
| उत्तम | घग्घामि | घग्घावः | घग्घामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: घग्घति · लिट्: जघग्घ · लुट्: घग्घिता · लृट्: घग्घिष्यति · लोट्: घग्घतात् · लङ्: अघग्घत् · विधिलिङ्: घग्घेत् · आशीर्लिङ्: घग्घ्यात् · लुङ्: अघग्घीत् · लृङ्: अघग्घिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: घग्घन · ण्वुल्: घग्घकः · तृच्: घग्घिता · ण्यत्: घग्घ्यः · तव्य: घग्घितव्यः · अनीयर्: घग्घनीयः · क्त: घग्घितः · क्तवतु: घग्घितवान् · शतृ: घग्घन् · स्य-शतृ: घग्घिष्यन् · क्त्वा: घग्घित्वा · ल्यप्: प्रघग्घ्य · तुमुन्: घग्घितुम् · णमुल्: घग्घम् · घञ्: घग्घः · क्तिन्: घग्ग्धि · क्वसु: जघग्घ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| घग्घति | घग्घ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: घग्घत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: घग्घ् + शतृ | घग्घत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: घग्घ् + शतृ |
घग्घति ➤ to laugh, to tease (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: हसने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड