॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to shine,to glow
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | घर्णोति / घृणोति | घर्णुतः / घृणुतः | घर्ण्वन्ति / घृण्वन्ति |
| मध्यम | घर्णोषि / घृणोषि | घर्णुथः / घृणुथः | घर्णुथ / घृणुथ |
| उत्तम | घर्णोमि / घृणोमि | घर्णुवः / घृणुवः / घृण्वः | घर्णुमः / घृणुमः / घृण्मः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: घर्णोति · लट् (आत्मने.): घर्णुते · लिट्: जघर्ण · लिट् (आत्मने.): जघृणे · लुट्: घर्णिता · लुट् (आत्मने.): घर्णिता · लृट्: घर्णिष्यति · लृट् (आत्मने.): घर्णिष्यते · लोट्: घर्णुतात् · लोट् (आत्मने.): घर्णुताम् · लङ्: अघर्णोत् · लङ् (आत्मने.): अघर्णुत · विधिलिङ्: घर्णुयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): घर्ण्वीत · आशीर्लिङ्: घृण्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): घर्णिषीष्ट · लुङ्: अघर्णीत् · लुङ् (आत्मने.): अघर्णिष्ट · लृङ्: अघर्णिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अघर्णिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: घर्णन · ण्वुल्: घर्णकः · तृच्: घर्णिता · तव्य: घर्णितव्यः · अनीयर्: घर्णनीयः · क्त: घृतः · क्तवतु: घृतवान् · शतृ: घृण्वन् · स्य-शतृ: घर्णिष्यन् · शानच्: घृण्वानः · क्त्वा: घृत्वा · ल्यप्: प्रघृत्य · तुमुन्: घर्णितुम् · णमुल्: घर्णम् · घञ्: घर्णः · क्तिन्: घृति · क्वसु: जघृण्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| घर्णोति | घृण् धातु (तनादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
घर्णोति ➤ चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड