🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:26:43 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

घोषति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

घोषति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

घोषति

अर्थ: मन में विचार कर कहना, घोषित करना, तरह तरह के शब्द करना

संस्कृत: विशब्दने

अंग्रेज़ी: to announce, to speak loudly

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. घुष् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. घुष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  3. घोषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: घोष + तल् (भाववाचक)
  4. घोषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: घुष् + शतृ
  5. घोषत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: घुष् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — घुष् (चुरादिगण) · अर्थ: मन में विचार कर कहना, घोषित करना, तरह तरह के शब्द करना (विशब्दने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमघोषति / घोषयतिघोषतः / घोषयतःघोषन्ति / घोषयन्ति
मध्यमघोषयसि / घोषसिघोषथः / घोषयथःघोषथ / घोषयथ
उत्तमघोषयामि / घोषामिघोषयावः / घोषावःघोषयामः / घोषामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: घोषति · लट् (आत्मने.): घोषयते · लिट्: घोषयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): घोषयाञ्चक्रे · लुट्: घोषयिता · लुट् (आत्मने.): घोषयिता · लृट्: घोषयिष्यति · लृट् (आत्मने.): घोषयिष्यते · लोट्: घोषतात् · लोट् (आत्मने.): घोषयताम् · लङ्: अघोषत् · लङ् (आत्मने.): अघोषयत · विधिलिङ्: घोषयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): घोषयेत · आशीर्लिङ्: घुष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): घोषयिषीष्ट · लुङ्: अघुषत् · लुङ् (आत्मने.): अजूघुषत · लृङ्: अघोषयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अघोषयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: घोषण · ण्वुल्: घोषकः · तृच्: घोषिता · यत्: घोष्यः · ण्यत्: घोष्यः · तव्य: घोषितव्यः · अनीयर्: घोषणीयः · क्त: घुष्टः · क्तवतु: घुष्टवान् · शतृ: घोषन् · स्य-शतृ: घोषिष्यन् · शानच्: घोषयमाणः · क्त्वा: घुषित्वा · ल्यप्: प्रघुष्य · तुमुन्: घोषितुम् · णमुल्: घोषम् · घञ्: घोषः · क्तिन्: घुष्टि · क्वसु: जुघुष्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
घोषतिघुष् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: घुष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | घोषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: घोष + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

घोषति ➤ मन में विचार कर कहना, घोषित करना, तरह तरह के शब्द करना
संस्कृत: विशब्दने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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