॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मन में विचार कर कहना, घोषित करना, तरह तरह के शब्द करना
संस्कृत: विशब्दने
अंग्रेज़ी: to announce, to speak loudly
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | घोषति / घोषयति | घोषतः / घोषयतः | घोषन्ति / घोषयन्ति |
| मध्यम | घोषयसि / घोषसि | घोषथः / घोषयथः | घोषथ / घोषयथ |
| उत्तम | घोषयामि / घोषामि | घोषयावः / घोषावः | घोषयामः / घोषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: घोषति · लट् (आत्मने.): घोषयते · लिट्: घोषयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): घोषयाञ्चक्रे · लुट्: घोषयिता · लुट् (आत्मने.): घोषयिता · लृट्: घोषयिष्यति · लृट् (आत्मने.): घोषयिष्यते · लोट्: घोषतात् · लोट् (आत्मने.): घोषयताम् · लङ्: अघोषत् · लङ् (आत्मने.): अघोषयत · विधिलिङ्: घोषयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): घोषयेत · आशीर्लिङ्: घुष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): घोषयिषीष्ट · लुङ्: अघुषत् · लुङ् (आत्मने.): अजूघुषत · लृङ्: अघोषयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अघोषयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: घोषण · ण्वुल्: घोषकः · तृच्: घोषिता · यत्: घोष्यः · ण्यत्: घोष्यः · तव्य: घोषितव्यः · अनीयर्: घोषणीयः · क्त: घुष्टः · क्तवतु: घुष्टवान् · शतृ: घोषन् · स्य-शतृ: घोषिष्यन् · शानच्: घोषयमाणः · क्त्वा: घुषित्वा · ल्यप्: प्रघुष्य · तुमुन्: घोषितुम् · णमुल्: घोषम् · घञ्: घोषः · क्तिन्: घुष्टि · क्वसु: जुघुष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| घोषति | घुष् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: घुष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | घोषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: घोष + तल् (भाववाचक) |
घोषति ➤ मन में विचार कर कहना, घोषित करना, तरह तरह के शब्द करना
संस्कृत: विशब्दने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड