॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तृप्त होना, संतुष्ट होना, चकमा देना, धोखा देना
संस्कृत: तृप्तौ प्रतीघाते च
अंग्रेज़ी: to be satisfied, to be contended, to repel, to cheat, to betray
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चकते | चकेते | चकन्ते |
| मध्यम | चकसे | चकेथे | चकध्वे |
| उत्तम | चके | चकावहे | चकामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): चकते · लिट् (आत्मने.): चेके · लुट् (आत्मने.): चकिता · लृट् (आत्मने.): चकिष्यते · लोट् (आत्मने.): चकताम् · लङ् (आत्मने.): अचकत · विधिलिङ् (आत्मने.): चकेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चकिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अचकिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अचकिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चकन · ण्वुल्: चाककः · तृच्: चकिता · ण्यत्: चाक्यः · तव्य: चकितव्यः · अनीयर्: चकनीयः · क्त: चकितः · क्तवतु: चकितवान् · शानच्: चकमानः · क्त्वा: चकित्वा · ल्यप्: प्रचक्य · तुमुन्: चकितुम् · णमुल्: चाकम् · घञ्: चाकः · क्तिन्: चक्ति · क्वसु: चेकिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चकते | चक् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चकता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: चक + तल् (भाववाचक) | चकत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चक् + शतृ |
चकते ➤ तृप्त होना, संतुष्ट होना, चकमा देना, धोखा देना
संस्कृत: तृप्तौ प्रतीघाते च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड