॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: क्रोध करना
संस्कृत: कोपे
अंग्रेज़ी: to be angry
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चण्डते | चण्डेते | चण्डन्ते |
| मध्यम | चण्डसे | चण्डेथे | चण्डध्वे |
| उत्तम | चण्डे | चण्डावहे | चण्डामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): चण्डते · लिट् (आत्मने.): चचण्डे · लुट् (आत्मने.): चण्डिता · लृट् (आत्मने.): चण्डिष्यते · लोट् (आत्मने.): चण्डताम् · लङ् (आत्मने.): अचण्डत · विधिलिङ् (आत्मने.): चण्डेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चण्डिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अचण्डिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अचण्डिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चण्डन · ण्वुल्: चण्डकः · तृच्: चण्डिता · ण्यत्: चण्ड्यः · तव्य: चण्डितव्यः · अनीयर्: चण्डनीयः · क्त: चण्डितः · क्तवतु: चण्डितवान् · शानच्: चण्डमानः · क्त्वा: चण्डित्वा · ल्यप्: प्रचण्ड्य · तुमुन्: चण्डितुम् · णमुल्: चण्डम् · घञ्: चण्डः · क्तिन्: चण्टि · क्वसु: चचण्ड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चण्डते | चण्ड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चण्डत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चण्ड् + शतृ | चण्डत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चण्ड् + शतृ |
चण्डते ➤ क्रोध करना
संस्कृत: कोपे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड