॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बोलना, निन्दा करना, दोष लगाना, भयभीत करना
संस्कृत: परिभाषणभर्त्सनयोः
अंग्रेज़ी: to say,to kill, to blame, to abuse
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चर्चति | चर्चतः | चर्चन्ति |
| मध्यम | चर्चसि | चर्चथः | चर्चथ |
| उत्तम | चर्चामि | चर्चावः | चर्चामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चर्चति · लिट्: चचर्च · लुट्: चर्चिता · लृट्: चर्चिष्यति · लोट्: चर्चतात् · लङ्: अचर्चत् · विधिलिङ्: चर्चेत् · आशीर्लिङ्: चर्च्यात् · लुङ्: अचर्चीत् · लृङ्: अचर्चिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चर्चन · ण्वुल्: चर्चकः · तृच्: चर्चिता · ण्यत्: चर्च्यः · तव्य: चर्चितव्यः · अनीयर्: चर्चनीयः · क्त: चर्चितः · क्तवतु: चर्चितवान् · शतृ: चर्चन् · स्य-शतृ: चर्चिष्यन् · क्त्वा: चर्चित्वा · ल्यप्: प्रचर्च्य · तुमुन्: चर्चितुम् · णमुल्: चर्चम् · घञ्: चर्कः · क्तिन्: चर्क्ति · क्वसु: चचर्च्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चर्चति | चर्च् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चर्च् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | चर्चता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: चर्च + तल् (भाववाचक) |
चर्चति ➤ बोलना, निन्दा करना, दोष लगाना, भयभीत करना
संस्कृत: परिभाषणभर्त्सनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड