🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:24:21 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

चर्चयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

चर्चयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

चर्चयति

अर्थ: पढ़ना, अध्ययन करना

संस्कृत: अध्ययने

अंग्रेज़ी: to learn, to study

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. चर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. चर्च् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. चर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  4. चर्च् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  5. चर्चयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चर्च् + शतृ
  6. चर्चयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चर्च् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — चर्च् (चुरादिगण) · अर्थ: पढ़ना, अध्ययन करना (अध्ययने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमचर्चयतिचर्चयतःचर्चयन्ति
मध्यमचर्चयसिचर्चयथःचर्चयथ
उत्तमचर्चयामिचर्चयावःचर्चयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चर्चयति · लट् (आत्मने.): चर्चयते · लिट्: चर्चयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): चर्चयाञ्चक्रे · लुट्: चर्चयिता · लुट् (आत्मने.): चर्चयिता · लृट्: चर्चयिष्यति · लृट् (आत्मने.): चर्चयिष्यते · लोट्: चर्चयतात् · लोट् (आत्मने.): चर्चयताम् · लङ्: अचर्चयत् · लङ् (आत्मने.): अचर्चयत · विधिलिङ्: चर्चयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): चर्चयेत · आशीर्लिङ्: चर्च्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चर्चयिषीष्ट · लुङ्: अचचर्चत् · लुङ् (आत्मने.): अचचर्चत · लृङ्: अचर्चयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अचर्चयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चर्चन · ण्वुल्: चर्चकः · तृच्: चर्चयिता · यत्: चर्च्यः · तव्य: चर्चयितव्यः · अनीयर्: चर्चनीयः · क्त: चर्चितः · क्तवतु: चर्चितवान् · शतृ: चर्चयन् · स्य-शतृ: चर्चयिष्यन् · शानच्: चर्चयमानः · क्त्वा: चर्चयित्वा · ल्यप्: प्रचर्च्य · तुमुन्: चर्चयितुम् · णमुल्: चर्चम् · क्तिन्: चर्क्ति · क्वसु: चर्चयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
चर्चयतिचर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: चर्च् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | चर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

चर्चयति ➤ पढ़ना, अध्ययन करना
संस्कृत: अध्ययने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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