॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पढ़ना, अध्ययन करना
संस्कृत: अध्ययने
अंग्रेज़ी: to learn, to study
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चर्चयति | चर्चयतः | चर्चयन्ति |
| मध्यम | चर्चयसि | चर्चयथः | चर्चयथ |
| उत्तम | चर्चयामि | चर्चयावः | चर्चयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चर्चयति · लट् (आत्मने.): चर्चयते · लिट्: चर्चयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): चर्चयाञ्चक्रे · लुट्: चर्चयिता · लुट् (आत्मने.): चर्चयिता · लृट्: चर्चयिष्यति · लृट् (आत्मने.): चर्चयिष्यते · लोट्: चर्चयतात् · लोट् (आत्मने.): चर्चयताम् · लङ्: अचर्चयत् · लङ् (आत्मने.): अचर्चयत · विधिलिङ्: चर्चयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): चर्चयेत · आशीर्लिङ्: चर्च्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चर्चयिषीष्ट · लुङ्: अचचर्चत् · लुङ् (आत्मने.): अचचर्चत · लृङ्: अचर्चयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अचर्चयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चर्चन · ण्वुल्: चर्चकः · तृच्: चर्चयिता · यत्: चर्च्यः · तव्य: चर्चयितव्यः · अनीयर्: चर्चनीयः · क्त: चर्चितः · क्तवतु: चर्चितवान् · शतृ: चर्चयन् · स्य-शतृ: चर्चयिष्यन् · शानच्: चर्चयमानः · क्त्वा: चर्चयित्वा · ल्यप्: प्रचर्च्य · तुमुन्: चर्चयितुम् · णमुल्: चर्चम् · क्तिन्: चर्क्ति · क्वसु: चर्चयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चर्चयति | चर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चर्च् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | चर्च् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
चर्चयति ➤ पढ़ना, अध्ययन करना
संस्कृत: अध्ययने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड