॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: खाना, स्वाद लेना
संस्कृत: भक्षणे
अंग्रेज़ी: to eat, to taste
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | चषति | चषतः | चषन्ति |
| मध्यम | चषसि | चषथः | चषथ |
| उत्तम | चषामि | चषावः | चषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: चषति · लट् (आत्मने.): चषते · लिट्: चचाष · लिट् (आत्मने.): चेषे · लुट्: चषिता · लुट् (आत्मने.): चषिता · लृट्: चषिष्यति · लृट् (आत्मने.): चषिष्यते · लोट्: चषतात् · लोट् (आत्मने.): चषताम् · लङ्: अचषत् · लङ् (आत्मने.): अचषत · विधिलिङ्: चषेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): चषेत · आशीर्लिङ्: चष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): चषिषीष्ट · लुङ्: अचषीत् · लुङ् (आत्मने.): अचषिष्ट · लृङ्: अचषिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अचषिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: चषण · ण्वुल्: चाषकः · तृच्: चषिता · ण्यत्: चाष्यः · तव्य: चषितव्यः · अनीयर्: चषणीयः · क्त: चषितः · क्तवतु: चषितवान् · शतृ: चषन् · स्य-शतृ: चषिष्यन् · शानच्: चषमाणः · क्त्वा: चषित्वा · ल्यप्: प्रचष्य · तुमुन्: चषितुम् · णमुल्: चाषम् · घञ्: चाषः · क्तिन्: चष्टि · क्वसु: चेषिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| चषति | चष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: चषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चष् + शतृ | चषत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: चष् + शतृ |
चषति ➤ खाना, स्वाद लेना
संस्कृत: भक्षणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड