॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छूना, स्पर्श करना
संस्कृत: स्पर्शे
अंग्रेज़ी: to touch
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | छुपति | छुपतः | छुपन्ति |
| मध्यम | छुपसि | छुपथः | छुपथ |
| उत्तम | छुपामि | छुपावः | छुपामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: छुपति · लिट्: चुच्छोप · लुट्: छोप्ता · लृट्: छोप्स्यति · लोट्: छुपतात् · लङ्: अच्छुपत् · विधिलिङ्: छुपेत् · आशीर्लिङ्: छुप्यात् · लुङ्: अच्छौप्सीत् · लृङ्: अच्छोप्स्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: छोपन · ण्वुल्: छोपकः · तृच्: छोप्ता · ण्यत्: छोप्यः · तव्य: छोप्तव्यः · अनीयर्: छोपनीयः · क्त: छुप्तः · क्तवतु: छुप्तवान् · शतृ: छुपन् · स्य-शतृ: छोप्स्यन् · क्त्वा: छुप्त्वा · ल्यप्: प्रच्छुप्य · तुमुन्: छोप्तुम् · णमुल्: छोपम् · घञ्: छोपः · क्तिन्: छुप्ति · क्वसु: चुच्छुप्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| छुपति | छुप् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: छुपता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: छुप + तल् (भाववाचक) | छुपत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: छुप् + शतृ |
छुपति ➤ छूना, स्पर्श करना
संस्कृत: स्पर्शे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड