॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: टपकना, क्षरित होना, चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: क्षरणदीप्त्योः
अंग्रेज़ी: to sprinkle,to ooze out, to drip, to shine,to glow
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जघर्ति | जघृतः | जघ्रति |
| मध्यम | जघर्षि | जघृथः | जघृथ |
| उत्तम | जघर्मि | जघृवः | जघृमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जघर्ति · लिट्: जघार · लुट्: घर्ता · लृट्: घरिष्यति · लोट्: जघर्तु · लङ्: अजघः · विधिलिङ्: जघृयात् · आशीर्लिङ्: घ्रियात् · लुङ्: अघार्षीत् · लृङ्: अघरिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: घरण · ण्वुल्: घारकः · तृच्: घर्ता · ण्यत्: घार्यः · तव्य: घर्तव्यः · अनीयर्: घरणीयः · क्त: घृतः · क्तवतु: घृतवान् · शतृ: जघ्रत्/जघ्रद् · स्य-शतृ: घरिष्यन् · क्त्वा: घृत्वा · ल्यप्: प्रघृत्य · तुमुन्: घर्तुम् · णमुल्: घारम् · घञ्: घारः · क्तिन्: घृति · क्वसु: जघृवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जघर्ति | घृ धातु (जुहोत्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
जघर्ति ➤ टपकना, क्षरित होना, चमकना, प्रकाशित होना
संस्कृत: क्षरणदीप्त्योः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड