॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जमा होना, एकत्र होना
संस्कृत: सङ्घाते
अंग्रेज़ी: to become matted, to become entangled
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जटति | जटतः | जटन्ति |
| मध्यम | जटसि | जटथः | जटथ |
| उत्तम | जटामि | जटावः | जटामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जटति · लिट्: जजाट · लुट्: जटिता · लृट्: जटिष्यति · लोट्: जटतात् · लङ्: अजटत् · विधिलिङ्: जटेत् · आशीर्लिङ्: जट्यात् · लुङ्: अजटीत् · लृङ्: अजटिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जटन · ण्वुल्: जाटकः · तृच्: जटिता · ण्यत्: जाट्यः · तव्य: जटितव्यः · अनीयर्: जटनीयः · क्त: जटितः · क्तवतु: जटितवान् · शतृ: जटन् · स्य-शतृ: जटिष्यन् · क्त्वा: जटित्वा · ल्यप्: प्रजट्य · तुमुन्: जटितुम् · णमुल्: जाटम् · घञ्: जाटः · क्तिन्: जट्टि · क्वसु: जेटिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जटति | जट् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जटता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: जट + तल् (भाववाचक) | जटत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जट् + शतृ |
जटति ➤ जमा होना, एकत्र होना
संस्कृत: सङ्घाते
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड