॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बोलना, हिंसा करना, ताड़ना, करना
संस्कृत: परिभाषणभर्त्सनयोः
अंग्रेज़ी: to say,to kill, to blame, to abuse
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जर्जति | जर्जतः | जर्जन्ति |
| मध्यम | जर्जसि | जर्जथः | जर्जथ |
| उत्तम | जर्जामि | जर्जावः | जर्जामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जर्जति · लिट्: जजर्ज · लुट्: जर्जिता · लृट्: जर्जिष्यति · लोट्: जर्जतात् · लङ्: अजर्जत् · विधिलिङ्: जर्जेत् · आशीर्लिङ्: जर्ज्यात् · लुङ्: अजर्जीत् · लृङ्: अजर्जिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जर्जन · ण्वुल्: जर्जकः · तृच्: जर्जिता · ण्यत्: जर्ज्यः · तव्य: जर्जितव्यः · अनीयर्: जर्जनीयः · क्त: जर्जितः · क्तवतु: जर्जितवान् · शतृ: जर्जन् · स्य-शतृ: जर्जिष्यन् · क्त्वा: जर्जित्वा · ल्यप्: प्रजर्ज्य · तुमुन्: जर्जितुम् · णमुल्: जर्जम् · घञ्: जर्गः · क्तिन्: जर्क्ति · क्वसु: जजर्ज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जर्जति | जर्ज् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जर्ज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | जर्जत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जर्ज् + शतृ |
जर्जति ➤ बोलना, हिंसा करना, ताड़ना, करना
संस्कृत: परिभाषणभर्त्सनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड