॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: नष्ट होना, ह्रास होना, कम होना, म्लान होना
संस्कृत: क्षये
अंग्रेज़ी: to wane,to decline,to decay,to reduce,to contract, to shrink
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जायति | जायतः | जायन्ति |
| मध्यम | जायसि | जायथः | जायथ |
| उत्तम | जायामि | जायावः | जायामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जायति · लिट्: जजौ · लुट्: जाता · लृट्: जास्यति · लोट्: जायतात् · लङ्: अजायत् · विधिलिङ्: जायेत् · आशीर्लिङ्: जायात् · लुङ्: अजासीत् · लृङ्: अजास्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जान · ण्वुल्: जायकः · तृच्: जाता · यत्: जेयः · तव्य: जातव्यः · अनीयर्: जानीयः · क्त: जातः · क्तवतु: जातवान् · शतृ: जायन् · स्य-शतृ: जास्यन् · क्त्वा: जात्वा · ल्यप्: प्रजाय · तुमुन्: जातुम् · णमुल्: जायम् · घञ्: जायः · क्तिन्: जाति · क्वसु: जजिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जायति | जै धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जायत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जै + शतृ | जायत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जै + शतृ |
जायति ➤ नष्ट होना, ह्रास होना, कम होना, म्लान होना
संस्कृत: क्षये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड