॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जेषते | जेषेते | जेषन्ते |
| मध्यम | जेषसे | जेषेथे | जेषध्वे |
| उत्तम | जेषे | जेषावहे | जेषामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): जेषते · लिट् (आत्मने.): जिजेषे · लुट् (आत्मने.): जेषिता · लृट् (आत्मने.): जेषिष्यते · लोट् (आत्मने.): जेषताम् · लङ् (आत्मने.): अजेषत · विधिलिङ् (आत्मने.): जेषेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): जेषिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अजेषिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अजेषिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जेषण · ण्वुल्: जेषकः · तृच्: जेषिता · ण्यत्: जेष्यः · तव्य: जेषितव्यः · अनीयर्: जेषणीयः · क्त: जेषितः · क्तवतु: जेषितवान् · शानच्: जेषमाणः · क्त्वा: जेषित्वा · ल्यप्: प्रजेष्य · तुमुन्: जेषितुम् · णमुल्: जेषम् · घञ्: जेषः · क्तिन्: जेष्टि · क्वसु: जिजेष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जेषते | जेष् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जेषत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जिष् + शतृ | जेषत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जिष् + शतृ |
जेषते ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड