॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रेरणा करना
संस्कृत: प्रेरणे
अंग्रेज़ी: to direct, to inspire
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जोडयति | जोडयतः | जोडयन्ति |
| मध्यम | जोडयसि | जोडयथः | जोडयथ |
| उत्तम | जोडयामि | जोडयावः | जोडयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जोडयति · लट् (आत्मने.): जोडयते · लिट्: जोडयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): जोडयाञ्चक्रे · लुट्: जोडयिता · लुट् (आत्मने.): जोडयिता · लृट्: जोडयिष्यति · लृट् (आत्मने.): जोडयिष्यते · लोट्: जोडयतात् · लोट् (आत्मने.): जोडयताम् · लङ्: अजोडयत् · लङ् (आत्मने.): अजोडयत · विधिलिङ्: जोडयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): जोडयेत · आशीर्लिङ्: जोड्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): जोडयिषीष्ट · लुङ्: अजूजुडत् · लुङ् (आत्मने.): अजूजुडत · लृङ्: अजोडयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अजोडयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जोडन · ण्वुल्: जोडकः · तृच्: जोडयिता · यत्: जोड्यः · तव्य: जोडयितव्यः · अनीयर्: जोडनीयः · क्त: जोडितः · क्तवतु: जोडितवान् · शतृ: जोडयन् · स्य-शतृ: जोडयिष्यन् · शानच्: जोडयमानः · क्त्वा: जोडयित्वा · ल्यप्: प्रजोड्य · तुमुन्: जोडयितुम् · णमुल्: जोडम् · क्तिन्: जोट्टि · क्वसु: जोडयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जोडयति | जुड् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जुड् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | जुड् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
जोडयति ➤ प्रेरणा करना
संस्कृत: प्रेरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड