॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: विचार करना, चाहना, पीड़ा करना, मार डालना, तर्क करना, सुख देना, संतुष्ट होना
संस्कृत: परितर्कणे परितर्पणे च
अंग्रेज़ी: to think, to wish, to kill, to destroy, to guess, to make happy, to satisfy, to be satisfied
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | जोषति / जोषयति | जोषतः / जोषयतः | जोषन्ति / जोषयन्ति |
| मध्यम | जोषयसि / जोषसि | जोषथः / जोषयथः | जोषथ / जोषयथ |
| उत्तम | जोषयामि / जोषामि | जोषयावः / जोषावः | जोषयामः / जोषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: जोषति · लट् (आत्मने.): जोषयते · लिट्: जुजोष · लिट् (आत्मने.): जोषयाञ्चक्रे · लुट्: जोषयिता · लुट् (आत्मने.): जोषयिता · लृट्: जोषयिष्यति · लृट् (आत्मने.): जोषयिष्यते · लोट्: जोषतात् · लोट् (आत्मने.): जोषयताम् · लङ्: अजोषत् · लङ् (आत्मने.): अजोषयत · विधिलिङ्: जोषयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): जोषयेत · आशीर्लिङ्: जुष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): जोषयिषीष्ट · लुङ्: अजूजुषत् · लुङ् (आत्मने.): अजूजुषत · लृङ्: अजोषयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अजोषयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: जोषण · ण्वुल्: जोषकः · तृच्: जोषिता · यत्: जोष्यः · ण्यत्: जोष्यः · तव्य: जोषितव्यः · अनीयर्: जोषणीयः · क्त: जुषितः · क्तवतु: जुषितवान् · शतृ: जोषन् · स्य-शतृ: जोषिष्यन् · शानच्: जोषयमाणः · क्त्वा: जुषित्वा · ल्यप्: प्रजुष्य · तुमुन्: जोषितुम् · णमुल्: जोषम् · घञ्: जोषः · क्तिन्: जुष्टि · क्वसु: जुजुष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| जोषति | जुष् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: जोषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: जोष + तल् (भाववाचक) | जोषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: जुष् + शतृ |
जोषति ➤ विचार करना, चाहना, पीड़ा करना, मार डालना, तर्क करना, सुख देना, संतुष्ट होना
संस्कृत: परितर्कणे परितर्पणे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड