॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मारना,चोट पोहोचाना, तृप्त होना, अनुभव करना, समझना
संस्कृत: मारणतोषणनिशामनेषु
अंग्रेज़ी: to kill, to hurt, to please, to satisfy, to perceive, to understand
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ज्ञाति | ज्ञातः | ज्ञान्ति |
| मध्यम | ज्ञासि | ज्ञाथः | ज्ञाथ |
| उत्तम | ज्ञामि | ज्ञावः | ज्ञामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ज्ञाति · लिट्: जज्ञौ · लुट्: ज्ञिता · लृट्: ज्ञिष्यति · लोट्: ज्ञातात् · लङ्: अज्ञात् · विधिलिङ्: ज्ञेत् · आशीर्लिङ्: ज्ञायात् · लुङ्: अज्ञासीत् · लृङ्: अज्ञिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ज्ञान · ण्वुल्: ज्ञायकः · तृच्: ज्ञिता · यत्: ज्ञेयः · तव्य: ज्ञितव्यः · अनीयर्: ज्ञानीयः · क्त: ज्ञितः · क्तवतु: ज्ञितवान् · शतृ: ज्ञान् · स्य-शतृ: ज्ञिष्यन् · क्त्वा: ज्ञित्वा · ल्यप्: प्रज्ञाय · तुमुन्: ज्ञितुम् · णमुल्: ज्ञायम् · घञ्: ज्ञायः · क्तिन्: ज्ञाति · क्वसु: जज्ञिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ज्ञाति | ज्ञा धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ज्ञात् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ज्ञा + शतृ | ज्ञात् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ज्ञा + शतृ |
ज्ञाति ➤ मारना,चोट पोहोचाना, तृप्त होना, अनुभव करना, समझना
संस्कृत: मारणतोषणनिशामनेषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड