॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: भासने
अंग्रेज़ी: to illumine, to shine
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ज्योतति | ज्योततः | ज्योतन्ति |
| मध्यम | ज्योतसि | ज्योतथः | ज्योतथ |
| उत्तम | ज्योतामि | ज्योतावः | ज्योतामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ज्योतति · लिट्: जुज्योत · लुट्: ज्योतिता · लृट्: ज्योतिष्यति · लोट्: ज्योततात् · लङ्: अज्योतत् · विधिलिङ्: ज्योतेत् · आशीर्लिङ्: ज्युत्यात् · लुङ्: अज्योतीत् · लृङ्: अज्योतिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ज्योतन · ण्वुल्: ज्योतकः · तृच्: ज्योतिता · ण्यत्: ज्योत्यः · तव्य: ज्योतितव्यः · अनीयर्: ज्योतनीयः · क्त: ज्युतितः · क्तवतु: ज्युतितवान् · शतृ: ज्योतन् · स्य-शतृ: ज्योतिष्यन् · क्त्वा: ज्युतित्वा · ल्यप्: प्रज्युत्य · तुमुन्: ज्योतितुम् · णमुल्: ज्योतम् · घञ्: ज्योतः · क्तिन्: ज्युत्ति · क्वसु: जुज्युत्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ज्योतति | ज्युत् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ज्योतत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ज्युत् + शतृ | ज्योतत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ज्युत् + शतृ |
ज्योतति ➤ to illumine, to shine (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: भासने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड