॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रकाशित होना, प्रकाशित करना, जलाना, जलना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to shine, to glow, to blaze, to flame
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ज्वलति | ज्वलतः | ज्वलन्ति |
| मध्यम | ज्वलसि | ज्वलथः | ज्वलथ |
| उत्तम | ज्वलामि | ज्वलावः | ज्वलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ज्वलति · लिट्: जज्वाल · लुट्: ज्वलिता · लृट्: ज्वलिष्यति · लोट्: ज्वलतात् · लङ्: अज्वलत् · विधिलिङ्: ज्वलेत् · आशीर्लिङ्: ज्वल्यात् · लुङ्: अज्वालीत् · लृङ्: अज्वलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ज्वलन · ण्वुल्: ज्वालकः · तृच्: ज्वलिता · ण्यत्: ज्वाल्यः · तव्य: ज्वलितव्यः · अनीयर्: ज्वलनीयः · क्त: ज्वलितः · क्तवतु: ज्वलितवान् · शतृ: ज्वलन् · स्य-शतृ: ज्वलिष्यन् · क्त्वा: ज्वलित्वा · ल्यप्: प्रज्वल्य · तुमुन्: ज्वलितुम् · णमुल्: ज्वालम् · घञ्: ज्वालः · क्तिन्: ज्वल्ति · क्वसु: जज्वल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ज्वलति | ज्वल् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ज्वलता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: ज्वल + तल् (भाववाचक) | ज्वलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ज्वल् + शतृ |
ज्वलति ➤ प्रकाशित होना, प्रकाशित करना, जलाना, जलना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड