॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आकाश में उड़ जाना, उड़ना
संस्कृत: विहायसा गतौ
अंग्रेज़ी: to pass through air, to fly
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | डीयते | डीयेते | डीयन्ते |
| मध्यम | डीयसे | डीयेथे | डीयध्वे |
| उत्तम | डीये | डीयावहे | डीयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): डीयते · लिट् (आत्मने.): डिड्ये · लुट् (आत्मने.): डयिता · लृट् (आत्मने.): डयिष्यते · लोट् (आत्मने.): डीयताम् · लङ् (आत्मने.): अडीयत · विधिलिङ् (आत्मने.): डीयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): डयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अडयिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अडयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: डयन · ण्वुल्: डायकः · तृच्: डयिता · यत्: डेयः · तव्य: डयितव्यः · अनीयर्: डयनीयः · क्त: डियितः · क्तवतु: डियितवान् · शानच्: डीयमानः · क्त्वा: डयित्वा · ल्यप्: प्रडीय · तुमुन्: डयितुम् · णमुल्: डायम् · क्तिन्: डीति · क्वसु: डिडीवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| डीयते | डी धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: डी धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | डी धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
डीयते ➤ आकाश में उड़ जाना, उड़ना
संस्कृत: विहायसा गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड