🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:26:04 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

डीयते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

डीयते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

डीयते

अर्थ: आकाश में उड़ जाना, उड़ना

संस्कृत: विहायसा गतौ

अंग्रेज़ी: to pass through air, to fly

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. डी धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. डी धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे
  3. डी धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — डी (दिवादिगण) · अर्थ: आकाश में उड़ जाना, उड़ना (विहायसा गतौ)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमडीयतेडीयेतेडीयन्ते
मध्यमडीयसेडीयेथेडीयध्वे
उत्तमडीयेडीयावहेडीयामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): डीयते · लिट् (आत्मने.): डिड्ये · लुट् (आत्मने.): डयिता · लृट् (आत्मने.): डयिष्यते · लोट् (आत्मने.): डीयताम् · लङ् (आत्मने.): अडीयत · विधिलिङ् (आत्मने.): डीयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): डयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अडयिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अडयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: डयन · ण्वुल्: डायकः · तृच्: डयिता · यत्: डेयः · तव्य: डयितव्यः · अनीयर्: डयनीयः · क्त: डियितः · क्तवतु: डियितवान् · शानच्: डीयमानः · क्त्वा: डयित्वा · ल्यप्: प्रडीय · तुमुन्: डयितुम् · णमुल्: डायम् · क्तिन्: डीति · क्वसु: डिडीवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
डीयतेडी धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: डी धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | डी धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

डीयते ➤ आकाश में उड़ जाना, उड़ना
संस्कृत: विहायसा गतौ

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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