॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: फैलाना, कुटुंब पोषण करना, प्रधान होना
संस्कृत: कुटुम्बधारणे
अंग्रेज़ी: to support the family, to govern, to lead
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तन्त्रति | तन्त्रतः | तन्त्रन्ति |
| मध्यम | तन्त्रसि | तन्त्रथः | तन्त्रथ |
| उत्तम | तन्त्रामि | तन्त्रावः | तन्त्रामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तन्त्रति · लट् (आत्मने.): तन्त्रयते · लिट्: ततन्त्र · लिट् (आत्मने.): तन्त्रयाञ्चक्रे · लुट्: तन्त्रिता · लुट् (आत्मने.): तन्त्रयिता · लृट्: तन्त्रिष्यति · लृट् (आत्मने.): तन्त्रयिष्यते · लोट्: तन्त्रतात् · लोट् (आत्मने.): तन्त्रयताम् · लङ्: अतन्त्रत् · लङ् (आत्मने.): अतन्त्रयत · विधिलिङ्: तन्त्रेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): तन्त्रयेत · आशीर्लिङ्: तन्त्र्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तन्त्रयिषीष्ट · लुङ्: अतन्त्रीत् · लुङ् (आत्मने.): अततन्त्रत · लृङ्: अतन्त्रिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अतन्त्रयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तन्त्रण · ण्वुल्: तन्त्रकः · तृच्: तन्त्रिता · यत्: तन्त्र्यः · ण्यत्: तन्त्र्यः · तव्य: तन्त्रितव्यः · अनीयर्: तन्त्रणीयः · क्त: तन्त्रितः · क्तवतु: तन्त्रितवान् · शतृ: तन्त्रन् · स्य-शतृ: तन्त्रिष्यन् · शानच्: तन्त्रयमाणः · क्त्वा: तन्त्रित्वा · ल्यप्: प्रतन्त्र्य · तुमुन्: तन्त्रितुम् · णमुल्: तन्त्रम् · घञ्: तन्त्रः · क्तिन्: तन्त्र्ति · क्वसु: ततन्त्र्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तन्त्रति | तन्त्र् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तन्त्रत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तन्त्र् + शतृ | तन्त्रत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तन्त्र् + शतृ |
तन्त्रति ➤ फैलाना, कुटुंब पोषण करना, प्रधान होना
संस्कृत: कुटुम्बधारणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड