🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:33 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

तन्त्रति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

तन्त्रति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

तन्त्रति

अर्थ: फैलाना, कुटुंब पोषण करना, प्रधान होना

संस्कृत: कुटुम्बधारणे

अंग्रेज़ी: to support the family, to govern, to lead

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. तन्त्र् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. तन्त्रत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तन्त्र् + शतृ
  3. तन्त्रत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तन्त्र् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — तन्त्र् (चुरादिगण) · अर्थ: फैलाना, कुटुंब पोषण करना, प्रधान होना (कुटुम्बधारणे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमतन्त्रतितन्त्रतःतन्त्रन्ति
मध्यमतन्त्रसितन्त्रथःतन्त्रथ
उत्तमतन्त्रामितन्त्रावःतन्त्रामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तन्त्रति · लट् (आत्मने.): तन्त्रयते · लिट्: ततन्त्र · लिट् (आत्मने.): तन्त्रयाञ्चक्रे · लुट्: तन्त्रिता · लुट् (आत्मने.): तन्त्रयिता · लृट्: तन्त्रिष्यति · लृट् (आत्मने.): तन्त्रयिष्यते · लोट्: तन्त्रतात् · लोट् (आत्मने.): तन्त्रयताम् · लङ्: अतन्त्रत् · लङ् (आत्मने.): अतन्त्रयत · विधिलिङ्: तन्त्रेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): तन्त्रयेत · आशीर्लिङ्: तन्त्र्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): तन्त्रयिषीष्ट · लुङ्: अतन्त्रीत् · लुङ् (आत्मने.): अततन्त्रत · लृङ्: अतन्त्रिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अतन्त्रयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तन्त्रण · ण्वुल्: तन्त्रकः · तृच्: तन्त्रिता · यत्: तन्त्र्यः · ण्यत्: तन्त्र्यः · तव्य: तन्त्रितव्यः · अनीयर्: तन्त्रणीयः · क्त: तन्त्रितः · क्तवतु: तन्त्रितवान् · शतृ: तन्त्रन् · स्य-शतृ: तन्त्रिष्यन् · शानच्: तन्त्रयमाणः · क्त्वा: तन्त्रित्वा · ल्यप्: प्रतन्त्र्य · तुमुन्: तन्त्रितुम् · णमुल्: तन्त्रम् · घञ्: तन्त्रः · क्तिन्: तन्त्र्ति · क्वसु: ततन्त्र्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
तन्त्रतितन्त्र् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: तन्त्रत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तन्त्र् + शतृ | तन्त्रत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तन्त्र् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

तन्त्रति ➤ फैलाना, कुटुंब पोषण करना, प्रधान होना
संस्कृत: कुटुम्बधारणे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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