॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आद्र होना, गीला होना
संस्कृत: आर्द्रीभावे
अंग्रेज़ी: to be wet,to be moist
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तिम्यति | तिम्यतः | तिम्यन्ति |
| मध्यम | तिम्यसि | तिम्यथः | तिम्यथ |
| उत्तम | तिम्यामि | तिम्यावः | तिम्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तिम्यति · लिट्: तितेम · लुट्: तेमिता · लृट्: तेमिष्यति · लोट्: तिम्यतात् · लङ्: अतिम्यत् · विधिलिङ्: तिम्येत् · आशीर्लिङ्: तिम्यात् · लुङ्: अतेमीत् · लृङ्: अतेमिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तेमन · ण्वुल्: तेमकः · तृच्: तेमिता · ण्यत्: तेम्यः · तव्य: तेमितव्यः · अनीयर्: तेमनीयः · क्त: तिमितः · क्तवतु: तिमितवान् · शतृ: तिम्यन् · स्य-शतृ: तेमिष्यन् · क्त्वा: तिमित्वा · ल्यप्: प्रतिम्य · तुमुन्: तेमितुम् · णमुल्: तेमम् · घञ्: तेमः · क्तिन्: तीन्ति · क्वसु: तितिन्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तिम्यति | तिम् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तिम्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तिम् + शतृ | तिम्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तिम् + शतृ |
तिम्यति ➤ आद्र होना, गीला होना
संस्कृत: आर्द्रीभावे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड