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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

तिष्ठति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

तिष्ठति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

तिष्ठति

अर्थ: स्थिर होना, ठहरना

संस्कृत: गतिनिवृत्तौ

अंग्रेज़ी: to stay, to stand

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. स्था धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. तिष्ठत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्था + शतृ
  3. तिष्ठत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्था + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — स्था (भ्वादिगण) · अर्थ: स्थिर होना, ठहरना (गतिनिवृत्तौ)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमतिष्ठतितिष्ठतःतिष्ठन्ति
मध्यमतिष्ठसितिष्ठथःतिष्ठथ
उत्तमतिष्ठामितिष्ठावःतिष्ठामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तिष्ठति · लट् (आत्मने.): तिष्ठते · लिट्: तस्थौ · लिट् (आत्मने.): तस्थे · लुट्: स्थाता · लुट् (आत्मने.): स्थाता · लृट्: स्थास्यति · लृट् (आत्मने.): स्थास्यते · लोट्: तिष्ठतात् · लोट् (आत्मने.): तिष्ठताम् · लङ्: अतिष्ठत् · लङ् (आत्मने.): अतिष्ठत · विधिलिङ्: तिष्ठेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): तिष्ठेत · आशीर्लिङ्: स्थेयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्थासीष्ट · लुङ्: अस्थात् · लुङ् (आत्मने.): अस्थित · लृङ्: अस्थास्यत् · लृङ् (आत्मने.): अस्थास्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्थान · ण्वुल्: स्थायकः · तृच्: स्थाता · यत्: स्थेयः · तव्य: स्थातव्यः · अनीयर्: स्थानीयः · क्त: स्थितः · क्तवतु: स्थितवान् · शतृ: तिष्ठन् · स्य-शतृ: स्थास्यन् · शानच्: तिष्ठमानः · क्त्वा: स्थित्वा · ल्यप्: प्रस्थाय · तुमुन्: स्थातुम् · णमुल्: स्थायम् · घञ्: स्थायः · क्तिन्: स्थिति · क्वसु: तस्थिवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
तिष्ठतिस्था धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: तिष्ठत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्था + शतृ | तिष्ठत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्था + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

तिष्ठति ➤ स्थिर होना, ठहरना
संस्कृत: गतिनिवृत्तौ

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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