॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: स्थिर होना, ठहरना
संस्कृत: गतिनिवृत्तौ
अंग्रेज़ी: to stay, to stand
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तिष्ठति | तिष्ठतः | तिष्ठन्ति |
| मध्यम | तिष्ठसि | तिष्ठथः | तिष्ठथ |
| उत्तम | तिष्ठामि | तिष्ठावः | तिष्ठामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तिष्ठति · लट् (आत्मने.): तिष्ठते · लिट्: तस्थौ · लिट् (आत्मने.): तस्थे · लुट्: स्थाता · लुट् (आत्मने.): स्थाता · लृट्: स्थास्यति · लृट् (आत्मने.): स्थास्यते · लोट्: तिष्ठतात् · लोट् (आत्मने.): तिष्ठताम् · लङ्: अतिष्ठत् · लङ् (आत्मने.): अतिष्ठत · विधिलिङ्: तिष्ठेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): तिष्ठेत · आशीर्लिङ्: स्थेयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्थासीष्ट · लुङ्: अस्थात् · लुङ् (आत्मने.): अस्थित · लृङ्: अस्थास्यत् · लृङ् (आत्मने.): अस्थास्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्थान · ण्वुल्: स्थायकः · तृच्: स्थाता · यत्: स्थेयः · तव्य: स्थातव्यः · अनीयर्: स्थानीयः · क्त: स्थितः · क्तवतु: स्थितवान् · शतृ: तिष्ठन् · स्य-शतृ: स्थास्यन् · शानच्: तिष्ठमानः · क्त्वा: स्थित्वा · ल्यप्: प्रस्थाय · तुमुन्: स्थातुम् · णमुल्: स्थायम् · घञ्: स्थायः · क्तिन्: स्थिति · क्वसु: तस्थिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तिष्ठति | स्था धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तिष्ठत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्था + शतृ | तिष्ठत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्था + शतृ |
तिष्ठति ➤ स्थिर होना, ठहरना
संस्कृत: गतिनिवृत्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड