॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तृप्त होना या करना, प्रसन्न होना या करना
संस्कृत: प्रीणने
अंग्रेज़ी: to satisfy, to be satisfied, to please, to be pleased
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तृप्यति | तृप्यतः | तृप्यन्ति |
| मध्यम | तृप्यसि | तृप्यथः | तृप्यथ |
| उत्तम | तृप्यामि | तृप्यावः | तृप्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: तृप्यति · लिट्: ततर्प · लुट्: तर्पिता · लृट्: तर्पिष्यति · लोट्: तृप्यतात् · लङ्: अतृप्यत् · विधिलिङ्: तृप्येत् · आशीर्लिङ्: तृप्यात् · लुङ्: अतर्पीत् · लृङ्: अतर्पिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: तर्पण · ण्वुल्: तर्पकः · तृच्: तर्पिता · तव्य: तर्पितव्यः · अनीयर्: तर्पणीयः · क्त: तृप्तः · क्तवतु: तृप्तवान् · शतृ: तृप्यन् · स्य-शतृ: तर्पिष्यन् · क्त्वा: तर्पित्वा · ल्यप्: प्रतृप्य · तुमुन्: तर्पितुम् · णमुल्: तर्पम् · घञ्: तर्पः · क्तिन्: तृप्ति · क्वसु: ततृप्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| तृप्यति | तृप् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: तृप्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तृप् + शतृ | तृप्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: तृप् + क्यप् · तद्धित: तृप्य + तल् (भाववाचक) |
तृप्यति ➤ तृप्त होना या करना, प्रसन्न होना या करना
संस्कृत: प्रीणने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड