॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to kiss
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्रक्षति | त्रक्षतः | त्रक्षन्ति |
| मध्यम | त्रक्षसि | त्रक्षथः | त्रक्षथ |
| उत्तम | त्रक्षामि | त्रक्षावः | त्रक्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्रक्षति · लिट्: तत्रक्ष · लुट्: त्रक्षिता · लृट्: त्रक्षिष्यति · लोट्: त्रक्षतात् · लङ्: अत्रक्षत् · विधिलिङ्: त्रक्षेत् · आशीर्लिङ्: त्रक्ष्यात् · लुङ्: अत्रक्षीत् · लृङ्: अत्रक्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्रक्षण · ण्वुल्: त्रक्षकः · तृच्: त्रक्षिता · ण्यत्: त्रक्ष्यः · तव्य: त्रक्षितव्यः · अनीयर्: त्रक्षणीयः · क्त: त्रक्षितः · क्तवतु: त्रक्षितवान् · शतृ: त्रक्षन् · स्य-शतृ: त्रक्षिष्यन् · क्त्वा: त्रक्षित्वा · ल्यप्: प्रत्रक्ष्य · तुमुन्: त्रक्षितुम् · णमुल्: त्रक्षम् · घञ्: त्रक्षः · क्तिन्: त्रष्टि · क्वसु: तत्रक्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्रक्षति | त्रक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्रक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रक्ष् + शतृ | त्रक्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रक्ष् + शतृ |
त्रक्षति ➤ to kiss (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड