॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: डरना
संस्कृत: उद्वेगे
अंग्रेज़ी: to fear,to tremble
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | त्रसति / त्रस्यति | त्रसतः / त्रस्यतः | त्रसन्ति / त्रस्यन्ति |
| मध्यम | त्रससि / त्रस्यसि | त्रसथः / त्रस्यथः | त्रसथ / त्रस्यथ |
| उत्तम | त्रसामि / त्रस्यामि | त्रसावः / त्रस्यावः | त्रसामः / त्रस्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्रसति · लिट्: तत्रास · लुट्: त्रसिता · लृट्: त्रसिष्यति · लोट्: त्रसतात् · लङ्: अत्रसत् · विधिलिङ्: त्रसेत् · आशीर्लिङ्: त्रस्यात् · लुङ्: अत्रसीत् · लृङ्: अत्रसिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्रसन · ण्वुल्: त्रासकः · तृच्: त्रसिता · ण्यत्: त्रास्यः · तव्य: त्रसितव्यः · अनीयर्: त्रसनीयः · क्त: त्रस्तः · क्तवतु: त्रस्तवान् · शतृ: त्रस्यन् · स्य-शतृ: त्रसिष्यन् · क्त्वा: त्रसित्वा · ल्यप्: प्रत्रस्य · तुमुन्: त्रसितुम् · णमुल्: त्रासम् · घञ्: त्रासः · क्तिन्: त्रस्ति · क्वसु: त्रेसिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्रसति | त्रस् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: त्रसता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: त्रस + तल् (भाववाचक) | त्रसत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रस् + शतृ |
त्रसति ➤ डरना
संस्कृत: उद्वेगे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड