🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:32:35 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

त्रासयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

त्रासयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

त्रासयति

अर्थ: पकड़ना, हरण करना, जबरन लेना, मना करना, डराना

संस्कृत: धारणे ग्रहणे वारणे च

अंग्रेज़ी: to catch, to steal, to take forcefully, to disobey, to frighten

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. त्रस् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. त्रस् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. त्रस् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  4. त्रासयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रस् + शतृ
  5. त्रासयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: त्रस् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — त्रस् (चुरादिगण) · अर्थ: पकड़ना, हरण करना, जबरन लेना, मना करना, डराना (धारणे ग्रहणे वारणे च)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमत्रासयतित्रासयतःत्रासयन्ति
मध्यमत्रासयसित्रासयथःत्रासयथ
उत्तमत्रासयामित्रासयावःत्रासयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: त्रासयति · लट् (आत्मने.): त्रासयते · लिट्: त्रासयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): त्रासयाञ्चक्रे · लुट्: त्रासयिता · लुट् (आत्मने.): त्रासयिता · लृट्: त्रासयिष्यति · लृट् (आत्मने.): त्रासयिष्यते · लोट्: त्रासयतात् · लोट् (आत्मने.): त्रासयताम् · लङ्: अत्रासयत् · लङ् (आत्मने.): अत्रासयत · विधिलिङ्: त्रासयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): त्रासयेत · आशीर्लिङ्: त्रास्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): त्रासयिषीष्ट · लुङ्: अतित्रसत् · लुङ् (आत्मने.): अतित्रसत · लृङ्: अत्रासयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अत्रासयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: त्रासन · ण्वुल्: त्रासकः · तृच्: त्रासयिता · यत्: त्रास्यः · तव्य: त्रासयितव्यः · अनीयर्: त्रासनीयः · क्त: त्रासितः · क्तवतु: त्रासितवान् · शतृ: त्रासयन् · स्य-शतृ: त्रासयिष्यन् · शानच्: त्रासयमानः · क्त्वा: त्रासयित्वा · ल्यप्: प्रत्रास्य · तुमुन्: त्रासयितुम् · णमुल्: त्रासम् · क्तिन्: त्रास्ति · क्वसु: त्रासयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
त्रासयतित्रस् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: त्रस् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | त्रस् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

त्रासयति ➤ पकड़ना, हरण करना, जबरन लेना, मना करना, डराना
संस्कृत: धारणे ग्रहणे वारणे च

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें