॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तुम
संस्कृत: त्वम्
अंग्रेज़ी: You
व्युत्पत्ति: युष् + मदिक्
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | त्वम् | त्वाम् | यूयम् |
| द्वितीया | त्वाम् | त्वाम् | त्वान् |
| तृतीया | त्वया | त्वाभ्याम् | त्वाभिः |
| चतुर्थी | तुभ्यम् | त्वाभ्याम् | त्वभ्यम् |
| पञ्चमी | त्वत् / त्वद् | त्वाभ्याम् | त्वत् / त्वद् |
| षष्ठी | तव | त्वयोः | त्वाकम् |
| सप्तमी | त्वयि | त्वयोः | त्वासु |
| सम्बोधन | हे त्वम् | हे त्वाम् | हे यूयम् |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| त्वम् | युष्मद् (त्रि.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन अन्य सम्भावना: त्व (पुं.) — द्वितीया विभक्ति, एकवचन | त्व (नपुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
त्वम् ➤ तुम
संस्कृत: त्वम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड